
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व
सीएसआर पहल
भारत के नए कंपनी अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों की लाभ कमाने वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) अनिवार्य है।
भारत के नए कंपनी अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों की लाभ कमाने वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) अनिवार्य है। कॉर्पोरेट नीतियों के निर्माण में सीएसआर की महत्वपूर्ण भूमिका बनने के साथ कंपनियों ने कुछ ऐसे केंद्रीय क्षेत्र चुने हैं जो समावेशी वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित करें।
पीपीएन कॉर्पोरेट कंपनियों की सीएसआर योजनाओं पर उनसे संपर्क बनाए रखना चाहता है और यह देखना चाहता है कि क्या वह उनके क्रियान्वयन में सहायक की भूमिका निभा सकता है। अनुमानतः 20,000 करोड़ रुपये की राशि प्रतिवर्ष सीएसआर क्षेत्र में आने के साथ अनेक संस्थाएँ उसमें हिस्सेदारी के लिए प्रयासरत हैं।
पीपीएन मानता है कि पर्यावरणीय स्थिरता, बच्चों की शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र भविष्य की सीएसआर गतिविधियों के लिए संभावनाओं से भरे हैं, जिनमें वह भूमिका निभा सकता है। पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े कार्यों में जल संसाधनों का संरक्षण एवं संवर्धन, वर्षा जल संचयन तथा वन झरनों, तालाबों और झीलों का संरक्षण सम्मिलित है।
अधिकांश कंपनियाँ गाँव स्तर पर जागरूकता समूह और सामुदायिक गतिविधियाँ आयोजित कर रही हैं, साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर अभियान और सामुदायिक नेतृत्व का प्रशिक्षण भी। उनमें से अनेक वनीकरण के प्रबंधन और स्थानीय समुदायों को वन प्रबंधन का प्रशिक्षण देने में सहायता हेतु संस्थाओं के साथ जुड़ रही हैं, और पीपीएन इस क्षेत्र में उतरने का प्रस्ताव रखता है।
सीएसआर मैंडेट
सीएसआर मैंडेट, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पत्रिका, भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार एवं सामुदायिक पत्रिका प्रकाशन गृह न्यू मीडिया द्वारा प्रकाशित की जाती है। सीएसआर मैंडेट विभिन्न कंपनियों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा की जा रही सीएसआर गतिविधियों के संवर्धन को समर्पित है। पत्रिका का उद्देश्य नीति निर्माताओं, कॉर्पोरेट कंपनियों और समुदायों को एक मंच पर लाना है, जो भारतीय समाज के अधिकांश लोगों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के जीवन-स्तर को सुधारने के समान लक्ष्यों की दिशा में काम कर रहे हैं। यह प्रकाशन विभिन्न सीएसआर पक्षों को ऐसा सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने की दिशा दिखाता है जहाँ शिक्षित, कुशल और सुसूचित नागरिकों के बल पर वृद्धि अवश्यंभावी हो जाती है।
सीएसआर मैंडेट कंपनियों और उनके प्रमुख हितधारकों के लिए विभिन्न सीएसआर पहलों, अवसरों और उनसे जुड़ी चुनौतियों की सक्रिय पहचान भी करती है। यह उन भौगोलिक क्षेत्रों और जनसांख्यिकीय केंद्र-बिंदुओं की भी पहचान करती है जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। पत्रिका सरकारों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और गैर-सरकारी संस्थाओं की दृष्टि के समन्वय और गतिविधियों के एकीकरण में सहायक होती है।
- सीएसआर मैंडेट अंक 1
- सीएसआर मैंडेट अंक 2
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- सीएसआर मैंडेट अंक 5
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