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पीपल्स पावर ऑफ़ नेशन - राष्ट्रीय लोकशक्ति

संस्कृति

धर्म बाँटता है - संस्कृति जोड़ती है

धर्म कुछ लोगों का होता है; संस्कृति सबकी होती है। विश्व भर के विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों और राष्ट्रों के लिए यही पीपीएन का सार्वभौमिक संदेश है।

धर्म कुछ लोगों का होता है; संस्कृति सबकी होती है। विश्व भर के विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों और राष्ट्रों के लिए यही पीपीएन का सार्वभौमिक संदेश है। पीपीएन मानता है कि इस दृष्टि से भारत सदैव एक आदर्श रहा है। भारत ऐसा देश है जहाँ अनादि काल से धर्म और संस्कृति की कोई सीमाएँ नहीं रहीं। वे सदियों से एक-दूसरे में घुलमिलकर एकता की एक ही इकाई बन गए हैं। गहनतम अर्थ में यही समन्वय है।

संस्कृति समुदायों को, विशेषकर युवाओं को जोड़ती है। सोशल मीडिया आज यही करने का प्रयास कर रहा है। किंतु वह संस्कृति का स्थान नहीं ले सकता और न ही उसे हटा सकता है। उस आनंद की कल्पना कीजिए जो देवताओं और मनुष्यों, दोनों को तब हुआ होगा जब बिस्मिल्ला ख़ाँ ने वाराणसी के एक मंदिर में शहनाई बजाई; या कुमार गंधर्व को दिल्ली के श्रीराम सभागार में कबीर के दोहे गाते हुए सोचिए। यह एक ही बात है, समन्वय और एकता। या बॉलीवुड को देखिए; उसने हिंदी के लिए इतने वर्षों में सभी सरकारों के मिले-जुले प्रयासों से कहीं अधिक किया है। बॉलीवुड में कोई भेदभाव नहीं है। उसने उर्दू को भी बढ़ावा दिया है, जो गीतों की भाषा है। बॉलीवुड में संस्कृतियों का टकराव नहीं है; वहाँ केवल उनका समन्वय और एकता दिखाई देती है।

इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए पीपीएन एक संस्था की स्थापना का प्रस्ताव रखता है, जिसका अस्थायी नाम राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान है, ताकि यह बात स्पष्ट हो सके कि संस्कृति ही राष्ट्र को जोड़ती है और संकट के समय वही देश की जीवनी शक्ति है। पीपीएन इस दिशा में विभिन्न विचारों पर काम कर रहा है।

पीपीएन ऊपर बताए गए मार्ग पर चलकर संस्कृतियों को साथ लाना चाहता है, ताकि भारत का विचार और सुदृढ़ हो। वह वेबसाइट के प्रत्येक आगंतुक को इस प्रयास में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करता है।

राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान

PPN proposes to set up an institution - tentatively named the National Institute of Culture - to drive home the point that culture unites the nation and that it is the country’s sustaining life force in times of stress. Every visitor to this website is invited to participate in this venture.

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