
तालाब की गाद निकालना मौसमी काम है। यह पहली तेज़ बारिश से पहले पूरा होना चाहिए, क्योंकि उसके बाद पानी तो आ ही जाता है, चाहे तालाब तैयार हो या न हो।
हमारे पास ग्यारह सप्ताह हैं।
काम कहाँ तक पहुँचा
| गाँव | संरचना | स्थिति |
|---|---|---|
| कोलवण | सामुदायिक तालाब | गाद निकाली गई |
| आंबेगाव | बंधारा | आधा पूरा |
| शिरगाँव | वन झरना | सर्वेक्षण हुआ, काम शुरू नहीं |
हर गाँव में क्या होता है
- ग्राम पंचायत के साथ सर्वेक्षण, ताकि काम उनका हो, हमारा नहीं
- गाद निकालना, जो महँगा हिस्सा है और जिसमें मशीनें लगती हैं
- जलग्रहण ढलान पर वृक्षारोपण, वरना दो मौसमों में गाद लौट आती है
- एक ग्राम जल समिति, जिसे प्रशिक्षित कर काम सौंप दिया जाए
चौथा चरण ही तय करता है कि पाँच वर्ष बाद इस सबका कोई अर्थ रह जाएगा या नहीं।
अभी क्या आवश्यक है
कमी आंबेगाव में गाद निकालने के चरण पर और शिरगाँव में पूरे काम पर है। यदि यह मानसून चूक गया तो पूरा वर्ष प्रतीक्षा करनी होगी।
ब्यौरा और लागत जल संचयन अभियान पर है।
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